यह कांसेप्ट (फ़िल्म) बिहार और उत्तर प्रदेश  के छोटे शहरों व गाँवों से महानगरों में नौकरी की तालश में आने वाले युवाओं पर आधारित है। बिहार और उत्तर प्रदेश के युवा व्यावसायिक कौशल (professional skills) के बिना ही सिर्फ़ अपनी शैक्षिक प्रदर्शन(Academic Performance) के आधार पर ही महानगरों में नौकरी की तालश में आ जाते हैं। जिसके कारण उन्हें कहीं भी अच्छी नौकरी नहीं मिलती हैं। उन में से कुछ लोग अपने वक़्त और हालत के साथ मज़बूर होकर कोई भी नौकरी करने को तैयार हो जातें हैं, लेकिन वहीं कुछ लोग व्यावसायिक कौशल (professional skills) नहीं होने के कारण अच्छी नौकरी पाने के लिए नौकरी दिलाने वाले दलालों के चक्कर में फंस जातें हैं। इस तरह की अनेक घटनाएँ अभी दिल्ली जैसे महानगर में भी हो रही है।

                 इस फ़िल्म के माध्यम से यही सन्देश देने की कोशिश की जा रही है कि बिहार और उत्तर प्रदेश के छोटे शहरों व गाँवों से महानगरों में नौकरी की तालश  में आने वाले युवाओं को व्यावसायिक कौशल (professional skills) को विकसित कर महानगरों में आना चाहिए। व्यावसायिक कौशल (professional skills) नहीं होने के कारण अच्छी नौकरी पाने के लिए नौकरी दिलाने वाले दलालों के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए । अगर अपनी व्यावसायिक कौशल (professional skills) को विकसित कर पाना संभव ना हो तो अपनी शैक्षिक प्रदर्शन(Academic Performance) के आधार पर अपने गावों व  शहरों में ही रोजगार या व्यवसाय करें। जिससे उनके साथ-साथ उनके गांव और शहर का भी विकास होगा। क्योंकि सिर्फ़ (Academic Performance) के आधार पर और बिना व्यावसायिक कौशल (professional skills) के महानगरों में आकर वक़्त और हालत के साथ मज़बूर होकर कोई भी नौकरी करने की नौबत आएगी या नौकरी दिलाने वाले दलालों के चक्कर में फंस कर समय और पैसों की बर्बादी है या फिर क़िस्मत के भरोसे अपने-आप को आज़माते हुए अपनी ज़िन्दगी को बर्बाद करना है।

This concept (film) is based on young people seeking jobs in metros from small towns and villages in Bihar and Uttar Pradesh. Youths of Bihar and Uttar Pradesh are seeking jobs in metros only on the basis of their academic performance without professional skills. Because of which they do not get good jobs anywhere. Some of them get ready to do any job with their time and condition, but some people get stuck due to lack of professional skills to get a good job. Goes Many such incidents are also happening in metros like Delhi.

Through this film, an attempt is being made to give the same message that the youth coming to the metros from small cities and villages in Bihar and Uttar Pradesh should come to the metros by developing professional skills. Due to lack of professional skills, one should not get caught in the middle of getting jobbers to get a good job. If it is not possible to develop your professional skills, then based on your academic performance, do employment or business in your villages and cities. With which they will develop their village and city as well. Because by coming to the metropolis on the basis of academic performance and without professional skills, any time will come to work in the metropolis, or will get wasted time and money by getting stuck in the circle of job brokers. Or is it trying to ruin your life by trusting in luck.

Declaration

The film is dedicated to Dr. APJ Abdul Kalam Saheb and the profit money coming from the film will be deducted from the cost of making the film and will be given to the Chief Ministers of the state as a donation to the orphanages located in all the states of the country. .

Declaration

यह फ़िल्म डॉ. ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम साहब को समर्पित है और फ़िल्म से आने वाली लाभ धन राशि को फ़िल्म बनाने का खर्च निकाल कर देश के सभी राज्यों में स्थित अनाथालयों को दान के रूप में राज्य के मुख्य मंत्रियों को दिया जाएगा।